Wednesday, February 12, 2003

In Hindi

हिन्दी में देख कर कैसा लगा?
अच्छा न !
दो तीन दिन पहले की बात है मैंने यूनाइटेड नेशंस वालेंटियर के एक काम में अंग्रेजी से हिन्दी में अनुवाद करने की सहमती दी थी। तब मैंने सोचा था की इसे जैसे हम लोग sms लिख देते हैं वैसे ही लिख देना होगा मतलब रोमन में ।
तो उनका मेल आया की वो यूनिकोड नाम की कोई चीज इस्तेमाल करते हैं अब ये क्या बला है मुझे नही पता पर मैंने सोचा की ट्राई करने में क्या जाता है क्या पता समझ में आ ही जाय
कल मैंने उनकी दी हुई साईट से एक सॉफ्टवेर डाउनलोड किया और उसके साथ जूझता रहा । फ़िर ज्ञान चक्षु खुले और मैंने ट्रांसलिटरेशन नाम की एक चीज का पहला अनुभव किया ।
ये वाकई मजेदार है की रोमन में लिखो और वो हिन्दी में बदल जाय

Thursday, January 23, 2003

I was ill

During my home visit, I fell ill and could leave bed only after half January was passed.
Yesterday I reached back here Lucknow and got there many things to be taken.
I hope I will be writing soon more .
till then bye